किसान परिवार से आते हैं कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर, इनके लाए बिल पर मचा है बवाल

राज्यसभा में 20 सितंबर को किसानों से जुड़े दो बिल पास किए गए. इन दोनों बिलों को लेकर कई राज्यों के किसानों ने भारी विरोध जता

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राज्यसभा में 20 सितंबर को किसानों से जुड़े दो बिल पास किए गए. इन दोनों बिलों को लेकर कई राज्यों के किसानों ने भारी विरोध जताना शुरू कर दिया है. इस बीच कृष‍िमंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की भी चर्चा हो रही है. आइए जानें कौन हैं देश के कृष‍िमंत्री.

नरेंद्र सिंह तोमर का जन्म मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में पोरसा विकासखंड के तहत आने वाले ओरेठी गांव में हुआ था. उनके पिता मुंशी सिंह तोमर खेती-किसानी का काम करते थे. तोमर का जन्म 12 जून 1957 को तोमर क्षत्रिय परिवार में हुआ था. अपनी स्नातक की पढ़ाई के दौरान वो महाविद्यालय में छात्र संघ के अध्यक्ष भी रहे. अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद वे ग्वालियर नगर निगम के पार्षद पद पर निर्वाचित हुए. इसके बाद वे पूरी तरह से राजनीति में सक्रिय रहे. वो 1977 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष बनाए गए.

नरेंद्र सिंह तोमर एक अच्छे नेता के साथ साथ एक कुशल रणनीतिकार के रूप में जाने जाते हैं. तोमर के बारे में कहा जाता है कि वो मितभाषी हैं. वो पहली बार प्रदेश के मुरैना संसदीय क्षेत्र से वर्ष 2009 में लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे. वो इसके पहले प्रदेश से राज्यसभा सदस्य थे. तोमर इस बार ग्वालियर लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र से सांसद निर्वाचित हुए हैं.

वे भारतीय जनता युवा मोर्चा में विभिन्न पदों पर रहते हुए 1996 में युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए. तोमर पहली बार 1998 में ग्वालियर से विधायक निर्वाचित हुए और इसी क्षेत्र से वर्ष 2003 में दूसरी बार चुनाव जीता. इस दौरान वो उमा भारती, बाबूलाल गौर और शिवराज सिंह चौहान मंत्रिमंडल में कई महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री भी रहे.

मिला है ये सम्मान 

नरेंद्र सिंह तोमर को उत्कृष्ट मंत्री के तौर पर सम्मान भी मिल चुका है. बता दें कि साल 2008 में तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष, सोमनाथ चटर्जी ने उन्हें ये सम्मान दिया था. तोमर साल 2008 में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए और उसके बाद वे 15 जनवरी 2009 में निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुने गए.  बाद में वे पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री पद पर रहे.  तोमर एक बार फिर 16 दिसम्बर 2012 को पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष बनाए गए.

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