चीन की नई चाल, सीमा पर लाउडस्पीकर लगाकर भारतीय सेना के लिए बजा रहा पंजाबी गाने!

भारतीय सेना का जवान (सांकेतिक तस्वीर- पीटीआई) भारत और चीन के बीच पिछले काफी वक्त से तनाव बना हुआ है. सीमा पर तनाव के बीच चीन ने अब

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भारतीय सेना का जवान (सांकेतिक तस्वीर- पीटीआई)भारतीय सेना का जवान (सांकेतिक तस्वीर- पीटीआई)

भारत और चीन के बीच पिछले काफी वक्त से तनाव बना हुआ है. सीमा पर तनाव के बीच चीन ने अब नई चाल चली है. चीन ने एलएसी पर फिंगर-4 इलाके में लाउडस्पीकर लगाए हैं. इन लाउडस्पीकर पर चीन पंजाबी गाने भी बजा रहा है. माना जा रहा है कि चीन लाउडस्पीकर के जरिए अब भारतीय सैनिकों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है.

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक फिंगर-4 एरिया में चीन की सेना ने लाउडस्पीकर लगाए हैं. सूत्रों का कहना है कि जहां चीनी सेना ने लाउडस्पीकर लगाए हैं, वह इलाका 24×7 भारतीय सैनिकों की लगातार निगरानी में है. वहीं अब यह संभव है कि चीन हमारे सैनिकों को विचलित करने या दबाव बनाने के लिए इस तरह की चाल चल रहा है. दरअसल, यहां भारत की ओर से तैनात सैनिकों में सिख भी शामिल है. ऐसे में कहा जा रहा है कि चीन की सेना मानसिक दबाव बनाने के तहत इस तरह के गाने बजा रही है.

बता दें कि फिंगर-4 एरिया ऐसे इलाका है, जहां भारत और चीन की सेनाओं के बीच टकराव के हालात बने हुए हैं. कुछ दिन पहले 8 सितबंर को दोनों देशों की सेनाओं के बीच इस इलाके में काफी जबरदस्त फायरिंग हुई थी. दोनों पक्षों के सैनिकों के बीच 100 से अधिक राउंड फायर किए गए थे. पिछले 20 दिनों में भारत और चीन में पूर्वी लद्दाख में सैनिकों के बीच कम से कम तीन गोलीबारी की घटनाओं को अंजाम दिया गया है.

सेना के सूत्रों ने कहा कि पहली घटना तब हुई जब भारतीय सेना ने 29-31 अगस्त के बीच दक्षिणी किनारे पर पैंगोंग झील के पास ऊंचाइयों पर कब्जा करने की चीनी कोशिश को नाकाम कर दिया था, जबकि दूसरी घटना 7 सितंबर को मुखपारी हाई के पास हुई. सेना के सूत्रों ने कहा कि तीसरी घटना 8 सितंबर को पैंगोंग झील के उत्तरी तट के पास हुई थी. उस दौरान देशों के सैनिकों ने 100 से अधिक राउंड फायरिंग की थी क्योंकि चीनी पक्ष बहुत आक्रामक तरीके से बर्ताव कर रहा था.

वहीं यह घटना ऐसे समय में हुई, जब भारतीय विदेश मंत्री शंघाई सहयोग संगठन की बैठक के लिए मास्को गए थे और सीमा मुद्दों को संबोधित करने के लिए अपने चीनी समकक्ष से मिले थे. चर्चा के मुताबिक दोनों पक्ष कोर कमांडर-स्तरीय वार्ता करने वाले थे, लेकिन अभी तक चीनी पक्ष की ओर से तारीख और समय की पुष्टि नहीं की गई है.

कई बार हुई बातचीत

बता दें कि भारत और चीन ने सैन्य और कूटनीतिक दोनों स्तरों पर अप्रैल-मई से कई दौर की बातचीत की है लेकिन अब तक इसका कोई महत्वपूर्ण परिणाम नहीं निकला है. भारत और चीन इस साल अप्रैल-मई से पैंगोंग झील के पास कोंगरूंग नाला, गोगरा और फिंगर क्षेत्र में चीनी सेना के जरिए किए गए बदलाव के बाद गतिरोध में लगे हुए हैं. भारतीय सेना ने उस क्षेत्र में चीनी सेना के जरिए किसी भी आक्रामक कदम को उठाने के लिए अब लद्दाख क्षेत्र में अपनी तैयारियों को कई गुना बढ़ा दिया है.

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