चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर में बलूचिस्तान कितना बड़ा रोड़ा

चीन-पाकिस्तान की दोस्ती पुरानी है. और इसी पुरानी दोस्ती को और पक्का करने के लिए दोनों दोस्त, व्यापार के क्षेत्र में भी साथ आए और घोषणा की चीन-पाकि

गांवों में कोरोना से हो सकती है अदृश्य तबाही, देर से दिखेगी असल तस्वीर
RBI बैठक के नतीजे कुछ देर में, लोन मोरेटोरियम, EMI कटौती पर होगी नजर
राहुल गांधी का बढ़ती बेरोजगारी को लेकर मोदी सरकार पर निशाना, कहा- अब अर्थव्यवस्था का सच नहीं छुप नहीं सकता

Pakistani PM in China: High level delegation from Islamabad hoping ...

चीन-पाकिस्तान की दोस्ती पुरानी है. और इसी पुरानी दोस्ती को और पक्का करने के लिए दोनों दोस्त, व्यापार के क्षेत्र में भी साथ आए और घोषणा की चीन-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर की.

2015 में इस कॉरिडोर के एलान के साथ ही इस परियोजना को देशों ने अपने रिश्तों का गेम चेंजर बताया है. हालाँकि इस परियोजना की बुनियाद 2008 में ही रख दी गई थी.

कई जानकार इस परियोजना को चीन द्वारा पाकिस्तान में अपने हित साधने की एक कोशिश के तौर पर देखते हैं तो पाकिस्तान में कई जानकारों को लगता है कि इससे केवल पंजाब को फ़ायदा पहुँचेगा.

लेकिन सच तो ये भी है कि आज भी इस परियोजना का काफ़ी हिस्सा बन गया है और काफ़ी पर अब भी बातचीत चल ही रही है. कभी आर्थिक तंगी इसके आड़े आई तो कभी पाकिस्तान की ज़रूरतें. एक बड़ा रोड़ा चीन के ख़िलाफ़ बलूचिस्तान का होना बताया जाता है. दरअसल इस परियोजना का बड़ा हिस्सा बलूचिस्तान में है.

COMMENTS

WORDPRESS: 0
DISQUS: