नीतीश कुमार नहीं, आज तेजस्वी का सीधा मुकाबला सतीश कुमार से है!

राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव बिहार विधानसभा चुनाव के लिए आज दूसरे चरण की वोटिंग हो रही है. इस चरण में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी)

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राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव (फोटो-Getty Images)राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए आज दूसरे चरण की वोटिंग हो रही है. इस चरण में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के पुत्र तेजस्वी यादव की किस्मत का फैसला होना है. वह वैशाली जिले की राघोपुर सीट से मैदान में हैं, जो लालू यादव परिवार की परंपरागत सीट मानी जाती है. तेजस्वी का मुकाबला बीजेपी के सतीश यादव से है. सतीश यादव पहले विधायक रह चुके हैं.

ये वही सतीश यादव हैं जो लगातार तीसरी बार राघोपुर सीट से किस्मत आजमा रहे हैं. जेडीयू के टिकट पर सतीश यादव 2010 के चुनाव में इस सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को मात देने में सफल रहे थे. लेकिन 2015 के चुनाव में तेजस्वी यादव सतीश यादव को मात देकर अपनी मां की हार का हिसाब बराबर करने में कामयाब रहे थे. इस बार भी सभी की निगाहें राघोपुर सीट पर हैं, जहां तेजस्‍वी यादव बनाम सतीश यादव के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है.

भोला राय ने छोड़ी थी ये सीट

राघोपुर विधानसभा सीट 1995 में तब चर्चा में आई, जब आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने इसे अपना क्षेत्र चुना. लालू यादव ने 1995 और 2000 में यहां से जीत दर्ज की थी. उसके बाद उन्होंने ये सीट अपनी पत्नी राबड़ी देवी को सौंप दी. राबड़ी देवी यहां से 2005 का चुनाव जीतीं. हालांकि 2010 में उन्हें राघोपुर में हार का सामना करना पड़ा. लालू परिवार को यह सीट 1980 से 1995 तक लगातार 3 बार से विधायक रहे समाजवादी उदय नारायण राय उर्फ भोला राय ने दी थी. इसके बाद से लालू परिवार की परंपरागत सीट बन गई और अब तेजस्वी यादव इस सीट से विधायक हैं.

क्या कहता है जातिगत समीकरण

जातिगत समीकरण देखा जाए तो राघोपुर सीट यादव बहुल मानी जाती है. तेजस्वी यादव और बीजेपी के सतीश कुमार दोनों यादव जाति से हैं. लिहाजा, आरजेडी और बीजेपी दोनों की नजर यादव वोटरों पर हैं. यहां करीब साठ हजार राजपूत वोटर्स के अलावा दलित मतदाताओं की संख्या भी अच्छी खासी है. हालांकि, 15 फीसदी मुस्लिम और अति पिछड़ा वोटर सबसे अहम भूमिका में हैं.

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