मुंबईः प्राइवेट सेक्टर के बंधन बैंक ने कहा कि पहले प्रमोटर्स की ऊंची शेयरहोल्डिंग की वजह से उस पर लगाये गये प्रतिबंधों को रिजर्व बैंक ने पूरी तरह से वापस ले लिया है. रिजर्व बैंक ने करीब दो साल पहले बैंक पर ये प्रतिबंध लगाये थे. बंधन बैंक ने कहा है कि रिजर्व बैंक के 17 अगस्त 2020 के संदेश के साथ ही बैंक पर 19 सितंबर 2018 को लगाये गये सभी प्रतिबंध उठा लिये गये हैं. साफ तौर पर ये बंधन बैंक के लिए काफी राहत की खबर है.

रिजर्व बैंक ने क्या बैन लगाए थे
रिजर्व बैंक ने जो प्रतिबंध बैंक पर लगाये थे उनके तहत बैंक को अपने नेटवर्क विस्तार से पहले केन्द्रीय बैंक से मंजूरी लेने का कहा गया था. इसके साथ ही बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी चंद्र शेखर घोष के मानदेय का भी एक स्तर पर ही रोक दिया गया था. रिजर्व बैंक ने सितंबर 2018 को ये प्रतिबंध बंधन बैंक पर लगाये थे. बैंक पर नई बैंक शाखा खोलने पर लगाये प्रतिबंध इस साल फरवरी में हटा लिया गया था.

प्रमोटर्स की हिस्सेदारी घटकर 40 फीसदी पर आई
इस महीने की शुरुआत में बैंक की प्रमोटर कंपनी बंधन फाइनेंशियल होल्डिंग्स ने 1.4 अरब डॉलर यानी 10,500 करोड़ रुपये के शेयर छूट पर बेचे. इससे बंधन बैंक में उसकी शेयरहोल्डिंग 20 फीसदी से ज्यादा घटकर 40 फीसदी रह गई. यह केंद्रीय बैंक आरबीआई के नियमों को संतुष्ट करती है.

बैंक ने इससे पहले एचडीएफसी की कम मूल्य वाले होम लोन देने वाली कंपनी गृह फाइनेंस का मर्जर किया था. इससे बैंक में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 80 फीसदी से घटकर 60 फीसदी रह गई थी.