तेजस्वी ने कहा कि बिहार की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी है।

रोजगार सृजन के लिए बनाई योजना

हमारी सरकार बनेगी तो स्थायी नियुक्ति को तरजीह देगी। सभी बैकलॉग को एक मेगा ड्राइव में भरेगी। सभी भर्ती परीक्षाओं को नियमित करेगी। आबादी के अनुपात में प्रत्येक विभाग में नए कर्मचारियों की रिक्तियां निकालेगी, ताकि काम का भार कम हो सके। तेजस्वी ने कहा कि 18 से 35 साल के 46 फीसद लोगों के पास रोजगार नहीं है, जबकि विभिन्न विभागों में साढ़े चार लाख रिक्तियां वर्षों से लंबित हैं, जिन्हें भरने में सरकार की दिलचस्पी नहीं है। शिक्षा, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग में हजारों पद खाली हैं। नौकरी के नाम पर संविदा और मानदेय भत्ता का झुनझुना थमाया जा रहा है। हर चुनाव में मामूली वेतन बढ़ाकर वोट लेने की कोशिश होती है। उन्होंने कहा कि सरकार की पहली, दूसरी, तीसरी और आखिरी प्राथमिकता रोजगार सृजन होना चाहिए। विशेषज्ञों से परामर्श कर रोजग़ार सृजन के लिए समग्र योजना बनाई है, ताकि प्रत्येक व्यक्ति को योग्यता के हिसाब से नौकरी दी जा सके। इसकी जानकारी समय आने पर दी जाएगी। सीएम का समर्पण सत्ता के लिए है, जबकि मेरा समर्पण युवाओं के दुख दर्द के लिए है।