आत्मनिर्भर बिहार- सीरीज-5 किसानों को मिलेगा बेहतर दाम- होगा आत्मनिर्भर बिहार -डाॅ॰ प्रेम कुमार

(दिनांक 20.10.2020) बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता-सह-कृषि मंत्री डॉ० प्रेम कुमार ने कहा कि बिहार एक कृषि प्रधान राज्य है। राज्य की लगभग 76 प्रतिषत आबादी

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(दिनांक 20.10.2020)
बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता-सह-कृषि मंत्री डॉ० प्रेम कुमार ने कहा कि बिहार एक कृषि प्रधान राज्य है। राज्य की लगभग 76 प्रतिषत आबादी की अजीविका कृषि पर आधारित है। कृषि बिहार की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। इसलिए बिहार के विकास के लिए कृषि एवं किसानों का विकास सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। आजादी के 70 सालों में काॅग्रेस तथा महागठबंधन के लोगों ने बिहार की कृषि व्यवस्था को रसातल में ले जाने के काम किया। न उन्हें किसानों को चिंता की न युवाओं की और न ही रोजगार की। आज बिहार विधानसभा चुनाव के समय महागठबंधन को रोजगार की याद आयी है। चुनाव जीतने के लिए झूठे वादे करने वालों को जनता पहचानती है, जनता इनके झांसे में आने वाली नहीं है।
बिहार में जबसे एन.डी.ए. की सरकार बनी है तबसे कृषि तथा किसानों को प्राथमिकता में रखा गया है। कृषि के विकास के लिए कृषि रोड मैप बनाया गया तथा रोड मैप के आधार पर राज्य में चरणबद्ध एवं योजनाबद्ध तरीके से कृषि का विकास किया जा रहा है, जिसके काफी बेहतर परिणाम देखने को मिले है। फसलों के उत्पादकता में दोगुने से भी अधिक वृद्धि हुई है। फसल उत्पादन के क्षेत्र में कई रिकाॅर्ड बने है। देष में सर्बाधिक उत्पादन के लिए बिहार को 5-5 कृषि कर्मण पुरस्कार मिला है।
डाॅ0 कुमार ने कहा कि आनेवाले दिनों में किसानों को राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय मंडियों से जोड़ने का काम किया जायेगा ताकि उन्हें फसलों के लिए अधिक से अधिक मूल्य मिल सके।
प्रकृति ने बिहार को वरदान दिया है इस मामले में की हमारे राज्य में कुछ उत्पाद है जैसे शाही लीची, जर्दालु आम, मखाना, कतारनी चावल है ये सिर्फ बिहार में ही होते हैं। इसलिए हमारी सरकार इनकी खेती को बढ़ावा देना चाहती हैं ताकि आपके पास आमदनी का विकल्प मौजूद रहे। इन सबके बाद बाजार की भी समस्या है हम देखते हैं कि कभी हमारे फसल उत्पादों का मूल्य बाजार में काफी अधिक हो जाता है तो काफी कभी बहुत ही ज्यादा कम हो जाता है किन परिस्थितियों में किसानों को कैसे बेहतर मूल्य मिले इसके लिए भी बेहतर व्यवस्था बनाया जायेगा। पहले तो हम बाजार की अच्छी व्यवस्था के लिए राज्य के सभी कृषि उत्पादन बाजार समिति को सुदृढ़ कर वहां सुरक्षा सफाई सड़क बिजली पानी शौचालय की व्यवस्था के साथ-साथ उसे हम नेशनल एवं इंटरनेशनल मंडियों से जोड़ने की व्यवस्था किया जायेगा ताकि किसानों को फसल का बेहतर मूल्य मिल सके। किसान यह जान सके कि उनके उत्पाद का अन्य राज्यों में क्या कीमत चल रही है उस हिसाब से किसान बाजार में भेज सकते हैं और इस दिशा में आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने ऐसी व्यवस्था कर दी है कि किसान अब पूरे देश में विदेश में जहां चाहे अपने फसल उत्पाद को बेच सकते हैं इसके साथ साथ हम लोगों ने उद्यानिकी फसलों के लिए विशेष उद्यान एक उत्पाद विकास योजना चलाई गई है इसमें उत्पादों का अगर उस समय उचित मूल्य नहीं मिल रहा है तो उसका प्रोसेसिंग ग्रेडिंग पैकेजिंग कर सकते हैं ताकि उसका वैल्यू एडिशन हो सके और उसको उसको अधिक से अधिक मूल्य आपको मिल सके। इस तरह से एन.डी.ए. की सरकार राज्य के किसानों को आत्म निर्भर बनाने की दिषा में कार्य कर रही है, जिसका आनेवाले दिनों में काफी बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे। परन्तु महागठबंधन के लोगों को न तो बिहार की जमीनी हकीकत की जानकारी है न ही किसानों की समस्याओं के प्रति संवेदनषीलता है। महागठबंधन के लोग सिर्फ भ्रमजाल फैलाकर वोट हासिल करना चाहते है, जिसमें उन्हें कामयावी मिलनेवाली नही है। बिहार में एक बार फिर से एन.डी.ए. की सरकार बनने जा रही है।

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