कंगना Vs दिलजीत: कृषि कानून पर ट्विटर पर महाभारत, हिन्दी में पढ़ें पूरी बातचीत

कंगना-दिलजीतकृषि कानून के मसले पर पंजाब के किसानों का आंदोलन दिल्ली में पिछले आठ दिनों से जारी है. दिल्ली और आसपास के इल

पाकिस्तान में महंगाई की मार, गेहूं के दाम सातवें आसमान पर, रूस से करना पड़ रहा इम्पोर्ट
विधानसभा चुनाव में इस बार कांग्रेस का सफाया – डाॅ. प्रेम कुमार
आत्मनिर्भर बिहार- सीरीज-3 हर खेत को पानी-हर हाथ को मिलेगा रोजगार- होगा आत्मनिर्भर बिहार -डाॅ॰ प्रेम कुमार
कंगना-दिलजीतकंगना-दिलजीत

कृषि कानून के मसले पर पंजाब के किसानों का आंदोलन दिल्ली में पिछले आठ दिनों से जारी है. दिल्ली और आसपास के इलाकों में किसानों ने डेरा डाला हुआ है और अपनी मांगों को पूरा करवाने की जिद पर अड़ गए हैं. गुरुवार को किसानों के आंदोलन से जुड़ा ही एक अलग नज़ारा दिखा. बड़ी संख्या में पंजाबी सिंगर्स और स्टार्स इस मूवमेंट के हक में हैं, दिलजीत दोसांझ उनमें से एक हैं.

गुरुवार को दिलजीत दोसांझ ट्विटर पर अभिनेत्री कंगना रनौत से भिड़ गए. दोनों ने दर्जनों ट्वीट में लगातार एक दूसरे को जवाब दिया. इस दौरान हिन्दी, अंग्रेजी और पंजाबी भाषा का इस्तेमाल हुआ. दोनों में जारी जंग के बीच ट्विटर पर लोग पंजाबी भाषा के लिए उत्सुक भी नज़र आए. ऐसे में दोनों स्टार्स के बीच ट्विटर पर कैसे जंग चली, पूरी बातचीत को आप हिन्दी में समझिए…

कहां से शुरू हुआ पूरा विवाद, हिन्दी में पढ़ें पूरी ट्विटर थ्रेड

दरअसल, बीते दिनों सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हुई थी जिसमें बठिंडा की बुजुर्ग महिला महिंदर कौर के किसान आंदोलन में शामिल होने की फोटो थी. उनसे जुड़ी तस्वीर को कंगना ने साझा किया और उनकी तुलना शाहीन बाग की बिलकिस दादी से की, इसी का जवाब दिलजीत ने एक वीडियो साझा करते हुए दिया था, जहां से पूरा विवाद शुरू हुआ..

दिलजीत दोसांझ: फिल्म हम खुद प्रोड्यूस कर लेंगे, किसी से पैसे लेने की जरूरत नहीं. अपनी मैडम को समझाओं हमारी बुजुर्गों संग तमीज़ से बात करें.

कंगना रनौत: ओ, करन जौहर के पालतू. जो दादी शाहीन बाग में अपनी सिटिजनशप के लिए प्रोटेस्ट कर रही थी, वही बिलकिस बानो दादी जी किसानों के MSP के लिए भी प्रोटेस्ट करते हुई दिखी. महिंदर कौर जी को तो मैं जानती भी नहीं. क्या ड्रामा चलाया है, तुम लोगों ने? इसे तुरंत बंद करो.

दिलजीत: तूने जितने लोगों के साथ फिल्म की, तू उन लोगों की पालतू है? फिर तो लिस्ट लंबी हो जाएगी मालिकों की? ये बॉलीवुड वाले नहीं, पंजाब वाले हैं. झूठ बोलकर लोगों को भड़काना और इमोशन से खेलना, तो आप अच्छे से जानती हो.

मैं बस कह रहा हूं तुम्हें ये बॉलीवुड वाले नहीं पंजाब वाले हैं. 2 कहोगी तो 4 नहीं 36 सुनने को मिलेंगी. आ जा, आ जा, जितना तूने ड्रामा किया हुआ है, ये पंजाब वाले ही दूर करेंगे. और किसी के तो हाथ आप आने वाले नहीं हो, आ जा.

कंगना: ओ चमचे चल! तू जिनसे काम लेता है, उनकी मैं रोज बेइजत्ती करती हूं. मैं कंगना रनौत हूं तेरे जैसी चमची नहीं हूं झूठ बोलूं, मैंने सिर्फ और सिर्फ शाहीन बाग वाली प्रोटेस्टर पर कमेंट किया था, अगर कोई अलग साबित कर दे तो मैं माफी मांग लूंगी.

दिलजीत: आ जा, ऐसा काम मैं नहीं करता तूने कितनों से ऐसे काम लिया है? मैं बॉलीवुड में स्ट्रगल नहीं करता मैडम, बॉलीवुड वाले कहते हैं फिल्म कर लो सर. मैं फिर कह रहा हूं ये बॉलीवुड नहीं पंजाब वाले हैं, 2 की 36 सुनाएंगे.

बोलने की तमीज़ नहीं है तुझे, किसी की मां-बहन के बारे में कुछ कहने की. खुद औरत होकर दूसरी औरतों को 100 रुपये वाली कहती है. हमारी पंजाब की मां हमारे लिए भगवान हैं. ये तो तूने मधुमक्खी के छत्ते में हाथ डाल दिया है. पंजाबी गूगल कर ले.

दिलजीत: आ जा… तुझे बिल्कुल भी अक्ल नहीं है. बॉलीवुड की धमकी किसी और को देना जाकर. हम लोगों को ठिकाने लगाने वाले ही हैं. तुम पहले बॉलीवुड वालों को कहती आई होगी.

कंगना: पंजाबी समझ आती है मुझे, जिन्होंने दिल्ली में दंगे करवाए, खून की नदियां बहाईं. दंगे करवाए, उनको डिफेंड करते हुए शर्म नहीं आती. तुझे क्या शर्म आएगी, करन जौहर कैसे काम देता है सबको पता है.

दिलजीत: बात कहां की हो रही है, तुम किधर जा रही हो? दिमाग ठीक है तेरा? बात को घूमा मत सीधा जवाब दे. जो तूने हमारी मांओं के लिए बोला है, सारी हिराइनगिरी निकाल देंगे तेरी.

कंगना: ओ, बात वही है. जब किसी की सिटीजनशिप गई ही नहीं तो वो शाहीन बाग की दादी ने किसके कहने पर प्रोटेस्ट किए? जब MSP हटाया ही नहीं तो फिर दादी किसके भेजने पर किसानों के प्रोटेस्ट में हिस्सा ले रही है? कौन उनको पीछे से प्रमोट कर रहा है.

दिलजीत: एक औरत होकर दूसरी औरत को 100 रुपये दिहाड़ी वाली कहना, किसने सिखाया? वो भी एक बुजुर्ग मां को, इस बात के लिए. हर बार आप सही हो, ऐसा जरूरी नहीं है.
ओए, बद दिमाग बदतमीज. बात हो रही है उस दादी की जिसकी फोटो सामने आई. उस दादी का जवाब सुना या फिर दोबारा भेजूं. जोड़ तोड़ बॉलीवुड में चलता होगा, पंजाबियों के साथ नहीं चलेगा. बंदा कई बार ताकत और घमंड की वजह से अंधा हो जाता है. हर बार तुम सही हो, ये जरूरी नहीं. शायद तुझे भी अक्ल पंजाब वाले ही देंगे. मुद्दे पर आ, तूने हमारी पंजाब की मांओं के लिए क्या कहा?

ये सुन ले. है कोई जवाब..? जवाब दो हमारी मां के सवालों का अब. गूगल कर लो. ठेठ पंजाबी की बातें तुम्हारे पल्ले नहीं पड़ेंगी. तुम बॉलीवुड को डराती होगी. ये वीडियो सुन ले, बड़ी सयानी बनती फिरती है.

कंगना: मेरा या तुम्हारा सही होना जरूरी नहीं है. देश का सही होना जरूरी है. तुम लोग किसानों को भड़का रहे हो, परेशान हूं मैं इन प्रदर्शन से, दंगों से, खून खराबे से और तुम सब भागीदार हो इसमें. ये याद रखना.

दिलजीत: ये तुझे खून खराबे वाली लगती हैं? हर बात में खून खराबा, चाहती क्या हो तुम? ये मां हमारे लिए भगवान है. तुझे बोलने की तमीज नहीं सिखाई किसी ने, तुझे पंजाबी बताएंगे कैसे अपने बड़ों से बात करते हैं.

कंगना: ये पंजाब की पार्टी के नेता हैं जो आतंकियों की पोल खोल रहे हैं. करण जौहर के चमचों के लिए उनकी ये राय है और बाकी देश के टुकड़े करना चाहते हैं. दादी को बिना मतलब खींच कर अपना एजेंडा चला रहे हैं.  (कंगना ने यहां किसी नेता के ट्वीट को साझा करते हुए दिलजीत को जवाब दिया.)

दिलजीत: कोई बात बन रही है, तेरी. हमें पता है तुझे राजनीति में आना है, पर किसी की सिर पैर तो होए. बात सिर्फ किसानों की हो रही है, अगर तुमने हमारी मांओं के बारे में कुछ कहा तो जवाब मिलेगा. और जिस फिल्म की बात तुम कर रही हो, उसे नेशनल अवॉर्ड मिला है. तूने गलत पंगा ले लिया है, मुझे बता दे तूने बोला कैसे. तेरा पाला अभी बॉलीवुड वालों से पड़ा है, हम पंजाबी हैं. दो की 36 सुनाएंगे.

शांति के साथ प्रदर्शन चल रहा है, किसानों के हक का पूरा देश खात है. तुम अलग ही चल रही हो. जब देखो खून खराबे की बात करती हो, करम याद रखना. तुम जो भी कर रही हो, सब यहां ही भुगतना पड़ेगा. कभी बॉलीवुड की धमकी, कभी कुछ. कभी खून खराबा, पता नहीं कह क्या रही है.

कंगना: पंजाब भारत माता का दिल है. हमें उन आतंकियों को खोजना होगा, जो दिल को शरीर से अलग करना चाहते हैं. कुछ लोग जो सब हथियाना चाहते हैं, वो देश को तोड़ नहीं सकते हैं. टुकड़े टुकड़े गैंग के खिलाफ आवाज उठाइए.

दिलजीत: अच्छा… दिल में मांओं के लिए ऐसी बातें हैं. भारत तेरे सिर्फ अकेली का है, जब भी देखो राजनीति. सबसे अधिक कुर्बानियां पंजाबियों ने दी है, तू हमारी माताओं के लिए गलत बोले. फिक्र मत कर तू पंजाबी याद करेगी. शांति से प्रदर्शन चल रहा है, लेकिन इसके जैसे कुछ लोग माहौल बिगाड़ने में लगे हैं. ये औरत शुरू से ही मुद्दे को भटका रही है, सभी पंजाबी जानते हैं तुम्हें.

अगर राजनीति करनी है, तो करो. हमें कोई मतलब नहीं, हमारी माताओं के लिए तमीज से बात करो. हम सभी का भला चाहते हैं और बाजी को पलटना भी जानते हैं.

COMMENTS

WORDPRESS: 0
DISQUS: 0