कैसे बनें स्मार्ट निवेशक? राह आसान है, केवल अपनाएं ये 5 फॉर्मूले

हर इंसान का एक लक्ष्य होता है और उसी को ध्यान में रखकर आगे बढ़ता है. लेकिन लक्ष्य का चुनाव करना थोड़ा मुश्किल काम है. निजी जिंदगी हो या फिर निवे

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निवेश का फॉर्मूला-24INSIDE

हर इंसान का एक लक्ष्य होता है और उसी को ध्यान में रखकर आगे बढ़ता है. लेकिन लक्ष्य का चुनाव करना थोड़ा मुश्किल काम है. निजी जिंदगी हो या फिर निवेश का रास्ता, सही लक्ष्य से ही मंजिल मिलती है. अगर आप निवेश करने के बारे में सोच रहे हैं तो फिर ये खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. खासकर नए निवेशक इन पांच बिंदुओं को ध्यान में रखकर अगर निवेश का पहला कदम उठाएंगे तो राह आसान हो जाएगी.

निवेश का लक्ष्य तय हो

1. निवेश का लक्ष्य तय हो
नए निवेशक को सबसे पहले आमदनी और खर्च के बीच के संतुलन को समझना होगा. महीने में कितनी कमाई है, उसका सही से ब्योरा होना चाहिए. उसके बाद फिर खर्च को उसमें अलग करने की जरूरत होगी. आमदनी से खर्च को हटाने के बाद बाकी रकम का एक संतुलित हिस्सा निवेश के लिए रखना चाहिए. ऐसा नहीं कि एक महीने में बहुत बड़ी राशि निवेश कर दें, और फिर दूसरे महीने निवेश के लिए सोचने पड़े. इसलिए निवेश का लक्ष्य तय होना सबसे जरूरी है, यानी आपका गोल क्या है?

 लक्ष्य को लेकर समझ साफ हो

 

2. लक्ष्य को लेकर समझ साफ हो
कहा जाता है कि दूसरे को देखकर पैसे बचाना सीखें. लेकिन निवेश हमेशा अपने बजट के मुताबिक करना चाहिए. किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए उससे जुड़े तमाम पहलुओं को लेकर समझ साफ होना चाहिए. उदाहरण के तौर पर आप कहां निवेश कर रहे हैं? कितने साल के लिए कर रहे हैं? और जो रिटर्न मिल रहा है वो लक्ष्य हासिल होगा या नहीं. साल-दर-साल आमदनी में बढ़ोतरी होगी फिर उसको कहां निवेश करें.

लक्ष्य ऐसा हो जो हासिल हो सके

3. लक्ष्य ऐसा हो जो हासिल हो सके
लक्ष्य को तभी हासिल किया जा सकता है, जब निवेश से पहले उसका रोडमैप तैयार हो, यानी अगर आपको साल के अंत में एक लाख रुपये चाहिए तो फिर सालभर तक उस तरह की फाइनेंसियल रणनीति अपनानी होगी जिससे लक्ष्य हासिल हो. उदाहरण के तौर पर एक साल के लिए इक्विटी में निवेश बेहतर कदम नहीं होता है. ऐसे में उन रास्तों को अपनाने की जरूरत होगी जो आपको लक्ष्य के करीब ले जाए और साल में अंत में लक्ष्य हासिल हो. अगर 10 साल बाद एक करोड़ रुपये का लक्ष्य हो फिर निवेश के लिए ऐसे फंड्स को चुनने की जरूरत होगी जो लक्ष्य को दिलाए. केवल लक्ष्य तय करने से उस तक नहीं पहुंचा जा सकता.

लक्ष्य समय से पूरा हो

4. लक्ष्य समय से पूरा हो
स्मार्ट निवेशक उसे माना जाता है, जो सही समय पर अपने लक्ष्य को हासिल कर ले. अगर दो साल बाद किसी को शादी के लिए 10 लाख रुपये की जरूरत होगी. ऐसे में यहां समय 2 साल का फिक्स है, जिसे आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है. लेकिन अगर महीने में केवल 10 हजार रुपये निवेशक के द्वारा लगाया जा रहा है तो फिर ये लक्ष्य समय में पूरा नहीं हो सकता. ऐसे में लक्ष्य तो जरूरी है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है कि लक्ष्य को समय के साथ हासिल करना.

मौजूदा आर्थिक स्थिति का रखें ख्याल

5. मौजूदा आर्थिक स्थिति का रखें ख्याल
हमेशा हर किसी को निवेश के वक्त मौजूदा आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखकर चलना चाहिए. क्योंकि अगर पूरी जमा पूंजी को निवेश में झोंक देंगे तो फिर मौजूदा आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है. ऐसे में निवेश को बीच में रोकना भी पड़ सकता है, जिससे लक्ष्य कभी पूरा नहीं हो पाएगा. इसलिए जेब को ध्यान में रखकर निवेश करना चाहिए. ये जरूरी है कि भविष्य के लिए हर दिन के हिसाब से निवेश करना चाहिए. लेकिन वर्तमान से समझौता कर भविष्य को खुशहाल नहीं किया जा सकता है.

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