सोने की चमक पड़ी फीकी, 4 साल में सबसे बड़ी गिरावट

दुनियाभर में कोरोना महामारी जैसे-जैसे फैल रही थी, सोने की कीमतें बढ़ती जा रही थीं. मार्च से अगस्त तक सोने की कीमतों में एकतरफा रैली देखने मिली

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सोना हुआ सस्ता

दुनियाभर में कोरोना महामारी जैसे-जैसे फैल रही थी, सोने की कीमतें बढ़ती जा रही थीं. मार्च से अगस्त तक सोने की कीमतों में एकतरफा रैली देखने मिली थी. लेकिन अब जैसे-जैसे कोरोना वैक्सीन की खबरें आ रही हैं, सोने की चमक फीकी पड़ती जा रही है. सोमवार को भले ही भारतीय शेयर बाजार बंद रहे, लेकिन ग्लोबल मार्केट में सोमवार को सोने की कीमत में चार साल में सबसे बड़ी मासिक गिरावट देखने को मिली.

वैक्सीन की खबर से गिरावट

दरअसल, दुनियाभर में कई कंपनियां कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने में जुटी हैं, जिसमें कई कंपनियां अंतिम स्टेज पर हैं. अगर सबकुछ ठीक रहा तो जल्द ही वैक्सीन उपलब्ध हो जाएंगी. हालांकि अभी तक कोई तारीख तय नहीं हुई है. भारत में खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना वैक्सीन के हर अपडेट पर नजर बनाए हुए हैं.

इकोनॉमी में रिकवरी के संकेत

वैक्सीन की खबर से इकोनॉमी में रिकवरी की उम्मीद बढ़ गई है. जिससे सोने की कीमतों में गिरावट आ रही है. सोमवार को स्पॉट गोल्ड की कीमत 1.2 फीसदी की गिरावट के साथ 17.66.26 डॉलर प्रति औंस रह गई. नवंबर में अब तक सोने की कीमत में करीब 6 फीसदी की गिरावट आई है. यह नवंबर 2016 के बाद सबसे बड़ी मासिक गिरावट है.

चांदी की कीमतों में भी गिरावट

वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में 30 नवंबर को चांदी की कीमतों में भी 3.2 फीसदी की भारी गिरावट आई और यह 21.96 डॉलर प्रति औंस पहुंच गई. एक तरह से पिछले 4 साल में नवंबर गोल्ड के लिए सबसे खराब महीना साबित हुआ है. कोरोना संकट की वजह से लोग सोने में निवेश की तरफ भाग रहे थे, और वैक्सीन की खबर से लोग अब बिकवाली कर रहे हैं.

गोल्ड में दबाव

गोल्‍ड ने अपना पिछला उच्‍चस्‍तर अगस्‍त के पहले हफ्ते में छुआ था. सोने का भाव 7 अगस्‍त को 56,200 रुपये प्रति 10 ग्राम था. अब सोमवार को दिल्‍ली सर्राफा बाजार में सोने का भाव 24 कैरेट 51,000 और 22 कैरेट 46,350 रुपये प्रति 10 ग्राम था. इस आधार पर सोने की कीमतों में पिछले उच्‍चस्‍तर से 8,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज हो चुकी है.

चांदी में टूट जारी

वहीं, चांदी का भाव 10 अगस्‍त को 78,256 रुपये प्रति किग्रा था, जो 30 नवंबर को 2020 को 59,100 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई. इस आधार पर चांदी की कीमतों में 19,000 रुपये प्रति किग्रा से ज्‍यादा की कमी आ चुकी है.

जल्द भाव बढ़ने की उम्मीद नहीं

विशेषज्ञों का कहना है कि ग्लोबल इकोनॉमी में सुधार और अमेरिका और चीन के बीच तनाव कम होने से निवेशक सोने को छोड़कर शेयरों का रुख कर रहे हैं. यही नहीं, जानकारों का कहना है कि निकट भविष्य में सोने की कीमतों में भारी उछाल की संभावना नहीं है. यही नहीं, डॉलर पर दबाव देखने को मिल रहा है. वैक्सीन की खबर से डॉलर दो साल के निचले स्तर पर आ गया है.

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