Avocado: हर दिन एवोकाडो खाने से आतों पर होता है कैसा असर? स्टडी में खुलासा

एवोकाडो में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं. अच्छी स्किन और वेटलॉस के लिए एवोकाडो के फायदे तो सबको पता हैं लेकिन एक नई स्टडी में दावा किया गया

5 दिन में 5000 बुकिंग, इस सस्ती SUV को लेकर जबर्दस्त क्रेज
फेलूदा स्ट्रिप टेस्ट और वैक्सीन का इमरजेंसी यूज भारत में कब? डॉ. हर्षवर्धन ने दिया जवाब
Coronavirus: भारत में कोरोना का एक और साइड इफेक्ट आया सामने, रीढ़ की हड्डी में फैल रहा है इंफेक्‍शन
एवोकाडो

एवोकाडो में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं. अच्छी स्किन और वेटलॉस के लिए एवोकाडो के फायदे तो सबको पता हैं लेकिन एक नई स्टडी में दावा किया गया है कि एवोकाडो आंतों के लिए बहुत लाभदायक है. अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनोइस कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर, उपभोक्ता और पर्यावरण विज्ञान की स्टडी में ये जानकारी सामने आई है. स्टडी में कहा गया है कि हर दिन एवोकाडो खाना सेहत के लिए फायदेमंद होता है.

एवोकाडो 2

एवोकाडो एक हेल्दी फूड है जो फाइबर और मोनोअनसैचुरेटेड फैट से भरपूर होता है. ये दोनों चीजें आंत के रोगाणुओं पर अपना असर डालती हैं. ये स्टडी जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन पत्रिका में छपी है. स्टडी के मुख्य लेखक शेरोन थॉम्पसन ने कहा, ‘हम जानते हैं कि एवोकाडो खाने से पेट भर जाता है, खून में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होती है लेकिन हमें ये नहीं पता था कि ये आंत के सूक्ष्मजीवों को किस तरह प्रभावित करता है.’

एवोकाडो

शोधकर्ताओं ने पाया कि जो लोग भोजन के  रूप में हर दिन एवोकाडो खाते हैं, उनमें आंत के सूक्ष्मजीवों की संख्या बहुत ज्यादा होती है. ये सूक्ष्मजीव फाइबर को बारीक टुकड़े कर मेटाबॉलिज्म को बढ़ातें हैं जिससे आंत स्वस्थ रहता है. स्टडी में पाया गया कि एवोकाडो नहीं खाने वालों की तुलना में खाने वाले लोगों के शरीर में कई  तरह के सूक्ष्मजीव पाए जाते हैं जो बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करते हैं.

एवोकाडो4

थॉम्पसन ने कहा कि एवोकाडो के सेवन से पित्त एसिड कम होता है और शॉर्ट-चेन फैटी एसिड बढ़ जाता है. ये स्टडी  45 से 25 साल के सेहतमंद लोगों पर की गई थी. इन लोगों को ब्रेकफास्ट, लंच या डिनर में हर दिन किसी एक समय एवोकाडो खाना था. इनमें से एक समूह को कुछ दिन तक खाने में एवोकाडो भी दिया गया जबकि दूसरे समूह को वही डाइट बिना एवोकाडो के दी गई.

एवोकाडो5

स्टडी में शामिल प्रतिभागियों ने 12 सप्ताह की स्टडी के दौरान अपने खून, यूरीन और मल के सैंपल दिए. उन्होंने यह भी बताया कि दिए गए खाने में से उन्होंने कितना खाया. हर चार सप्ताह में उन्होंने इसकी जानकारी दी. इससे पहले एवोकाडो पर हुए सारे शोध वेटलॉस पर आधारित होते थे लेकिन इस स्टडी में प्रतिभागियों की डाइट में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया था.

एवोकाडो6

शोधकर्ताओं ने पाया कि एवोकाडो ना खाने वालों की तुलना में इसे खाने वालों के शरीर में कैलोरी की मात्रा थोड़ी ज्यादा थी. ये स्टडी पाचनतंत्र के सूक्ष्मजीवों पर एवोकाडो का प्रभाव जानने के उद्देश्य से की गई थी. स्टडी की वरिष्ठ लेखक होल्शर ने बताया कि एवोकाडो खाने वाले समूह के मल में पित्त एसिड कम और फैट ज्यादा पाया गया.

 एवोकाडो7

अलग-अलग तरह के फैट माइक्रोबायोम पर अलग-अलग प्रभाव डालते हैं. एवोकाडो में पाया जाने वाला फैट मोनोअनसैचुरेटेड होता है जो दिल को स्वस्थ रखता है. स्टडी के अनुसार एक मध्यम आकार के एवोकाडो में लगभग 12 ग्राम फाइबर होता है जो प्रति दिन की जरूरी मात्रा को पूरा करता है.

COMMENTS

WORDPRESS: 0
DISQUS: 0