Bird Flu Precautions: हल्के में ना लें बर्ड फ्लू के खतरे को, जानें-लक्षण और बचाव

भारत में बर्ड फ्लू का प्रकोप धीरे-धीरे बढ़ने लगा है. बर्ड फ्लू एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस (H5N1) की वजह से होता है. ये एक वायरल इंफेक्शन है जो संक्

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बर्ड फ्लू का प्रकोप

भारत में बर्ड फ्लू का प्रकोप धीरे-धीरे बढ़ने लगा है. बर्ड फ्लू एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस (H5N1) की वजह से होता है. ये एक वायरल इंफेक्शन है जो संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने वाले अन्य पक्षियों, जानवरों और इंसानों में फैलता है. इसके बढ़ते मामलों को देखते हुए कई राज्यों में पक्षियों को मारने का अभियान शुरू किया गया है.

एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस

बर्ड फ्लू कई तरह के होते हैं लेकिन H5N1 पहला ऐसा एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस है जो इंसानों को संक्रमित करता है. बर्ड फ्लू प्रवासी जलीय पक्षियों खासतौर से जंगली बतख से प्राकृतिक रूप से फैलता है. ये पालतू मुर्गियों में आसानी से फैल जाता है. ये बीमारी संक्रमित पक्षी के मल, नाक के स्राव, मुंह के लार या आंखों से निकलने वाली पानी के संपर्क में आने से होती है.

 बर्ड फ्लू का खतरा

संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने वाले जानवर और इंसान इस वायरस से आसानी से संक्रमित हो जाते हैं. ये वायरस इतना खतरनाक होता है कि इससे मौत भी हो सकती है. इसके फैलने का सबसे ज्यादा खतरा मुर्गीपालन से जुड़े लोगों को होता है. इसके अलावा संक्रमित जगहों पर जाने वाले, संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने वाले, कच्चा या अधपका मुर्गा-अंडा खाने वाले या संक्रमित मरीजों की देखभाल करने वाले लोगों को भी बर्ड फ्लू हो सकता है.

ये हैं लक्षण-

ये हैं लक्षण- बर्ड फ्लू होने पर कफ, डायरिया, बुखार, सांस से जुड़ी दिक्कत, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, पेट दर्द, उल्टी, निमोनिया गले में खराश, नाक बहना, बेचैनी, आंखों में इंफेक्शन जैसी समस्या हो सकती है. अगर आपको लगता है कि आपको बर्ड फ्लू हो सकता है तो किसी और के संपर्क में आने से पहले डॉक्टर को दिखाएं.

कैसे करें बचाव

कैसे करें बचाव- बर्ड फ्लू से बचने के लिए कुछ सावधानियां रखनी जरूरी है. अपने हाथों को 15 सेकेंड तक धोएं. हाथों को बार-बार साबुन से धोएं. सैनिटाइजर हमेशा साथ में रखें. हाथ ना धो पाने की स्थिति में सैनिटाइज करें.

PPE किट पहन कर जाएं

संक्रमित पोल्ट्री फार्म में जाने और वहां काम कर रहे लोगों के संपर्क में आने से बचें. पोल्ट्री फार्म में काम करने या जाने वाले लोगों को PPE किट पहन कर जाना चाहिए. डिस्पोजेबल ग्लव्स पहनें और इस्तेमाल के बाद इन्हें नष्ट कर दें.

पूरे बाजू के कपड़े पहनें

पूरे बाजू के कपड़े पहनें और अपने जूतों को डिसइनफेक्ट करते रहें. छींकने या खांसने से पहले मुंह को अच्छे से कवर करें. सांस के संक्रमण से बचने के लिए मास्क पहनें.

 फ्लू की वैक्सीन लगवाएं

इस्तेमाल के बाद टिश्यू पेपर को डस्टबिन में डालें. अगर आप बीमार हैं तो भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें. बर्ड फ्लू की कोई वैक्सीन नहीं है इसलिए बचाव के लिए फ्लू की वैक्सीन भी लगवा सकते हैं.

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