Food Products: लेबल पर छपी ये 8 बातें देखकर न खरीदें फूड प्रोडक्ट, हो सकता है धोखा

आजकल लोगों में फैट फ्री, शुगर फ्री या कॉलेस्ट्रोल फ्री प्रोडक्ट खरीदने की होड़ शुरू हो गई है. क्या आपने कभी सोचा है कि बाजार में मिलने वाले ये प

Coronavirus Vaccine: वैक्सीन को मंजूरी मिलने के बाद भारत बायोटेक और सीरम आपस में भिड़े
Covid-19: India reports 53,480 new cases, 354 deaths in 24 hours
Sinus Infection: सर्दियों में बढ़ जाती है साइनस की समस्या, ये 7 घरेलू तरीके देंगे आराम
लेबल पर छपी ये 8 बातें देखकर न खरीदें फूड प्रोडक्ट

आजकल लोगों में फैट फ्री, शुगर फ्री या कॉलेस्ट्रोल फ्री प्रोडक्ट खरीदने की होड़ शुरू हो गई है. क्या आपने कभी सोचा है कि बाजार में मिलने वाले ये प्रोडक्ट्स वाकई में शुगर और फैट फ्री हैं भी या ये कोई बिजनेस ट्रिक है. फूड प्रोडक्ट्स (Food Products) पर छपी जानकारी देखते वक्त आपको कुछ विशेष बातों पर जरूर ध्यान देना चाहिए.

फैट फ्री

फैट फ्री: फैट हमारे शरीर का दुश्मन नहीं है. कई स्टडी में ये बात साबित हो चुकी है. इसके बावजूद लोग बिना सोचे-समझे लो फैट और फैट फ्री फूड प्रोडक्ट खरीद रहे हैं. शायद आपको मालूम नहीं कि फैट की मात्रा कम करने के लिए कंपनियां जो विकल्प तलाशती हैं, उनसे भी सेहत को नुकसान है. फैट की जगह क्वांटिटी बैलेंस करने के लिए वे शुगर या नमक की मात्रा बढ़ा सकते हैं.

हाई फ्रक्टोस कॉर्न सिरप

हाई फ्रक्टोस कॉर्न सिरप: प्रोडक्ट को शुगर फ्री बनाने के लिए कई कंपनियां हाई फ्रक्टोस कॉर्न सिरप का इस्तेमाल करती हैं. कई स्टडी में ऐसा दावा हो चुका है कि ह्यूमन बॉडी हाई फ्रक्टोस कॉर्न सिरप को अलग तरह से मेटाबोलाइज करती है. इससे हमारी सेहत को बड़े नुकसान भी हो सकते हैं.

कॉलेस्ट्रोल फ्री

कॉलेस्ट्रोल फ्री: बाजार में कॉलेस्ट्रोल फ्री प्रोडक्ट मुनाफाखोरों की एक ट्रिक हो सकती है. क्या आप जानते हैं कि सिर्फ एनिमल प्रोडक्ट्स में ही कॉलेस्ट्रोल पाया जाता है. मांस, अंडे या डेयरी प्रोडक्ट्स में कॉलेस्ट्रोल होता है. हरी सब्जियों या फलों में ये नहीं होता है. इसलिए यदि आपको कोई वेजिटेरियन प्रोडक्ट कॉलेस्ट्रोल फ्री बताकर बेच रहा है तो वो फर्जीवाड़ा है.

शुगर फ्री

 

शुगर फ्री: क्या आप जानते हैं शुगर फ्री प्रोडक्ट में रेगुलर शुगर की बजाए सॉर्बिटॉल, मैनिटॉल, जाइलीटॉल जैसे शुगर एल्कोहल मिलाए जाते हैं. ये सभी चीजें पेट की गड़बड़ी या डायरिया की समस्या पैदा कर सकती हैं.

इम्यून बूस्टिंग

 

इम्यून बूस्टिंग: एक्सपर्ट कहते हैं कि इम्यूनिटी को बूस्ट करने वाला कोई प्रोडक्ट बाजार में उपलब्ध नहीं है. शरीर अपने तरीके से रोगजनक वायरस और संक्रमण से निपटता है. फल, सब्जी, पानी या कुछ खास चीजें आपके शरीर को हाइड्रेट या गर्म रखती हैं. इससे इम्यूनिटी दुरुस्त हो सकती है, लेकिन किसी भी प्रोडक्ट का इम्यूनिटी से डायरेक्ट कनेक्शन नहीं होता है.

नैचुरल फूड

 

नैचुरल फूड: सेहतमंद रहने के लिए नैचुरल फूड का इस्तेमाल करना सही है. लेकिन फूड प्रोडक्ट के लेबल पर लिखे ‘नैचुरल’ को भी समझने की जरूरत है. अक्सर लोगों को लगता है कि नैचुरल का मतलब है- ‘नो प्रेस्टीसाइड्स’, ‘नो कैमिकल्स’, ‘नो एंटीबायोटिक्स’. दरअसल बाजार में बिकने वाले ज्यादातर प्रोडक्ट्स की कोई गारंटी नहीं कि ये नैचुरल हैं यो प्रोसेस्ड.

सोडियम

 

सोडियम: अगर आपको ब्लड प्रेशर की समस्या है और आप खाने में नमक कम ले रहे हैं तो फूड प्रोडक्ट के लेबल पर कुछ चीजों पर जरूर ध्यान दें. इन प्रोडक्ट्स में मोनोसोडियम ग्लूाटामेट (एमएसजी), सी सॉल्ट, सोडियम सीट्रेट, कोशर सॉल्ट, डीसोडियम आइनोसीनेट जैसे इनग्रिडिएंट्स भी नहीं होना चाहिए.

डिटॉक्स और क्लीजिंग

 

डिटॉक्स और क्लीजिंग: क्या आप जानते हैं आपकी बॉडी खुद-ब-खुद नैचुरली डिटॉक्सीफाई होती है. शरीर में किडनी और लिवर इसका काम करते हैं. इन्हें दुरुस्त रखने के लिए आप अंडा, मछली, हरी पत्तेदार सब्जियां और खट्टे फलों का सेवन कर सकते हैं. लेकिन बाजार में बॉडी डिटॉक्सीफाई और क्लीजिंग के नाम पर बिकने वाले प्रोडक्ट्स धोखा हो सकते हैं.

COMMENTS

WORDPRESS: 0
DISQUS: 0